University of Southampton, England

इंग्लैंड के साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान छोटे बच्चे के साथ जुड़ा हुआ है। इस अध्ययन से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान पहली बार धूम्रपान करने वाली महिलाओं के बच्चे धूम्रपान न करने वाली महिलाओं की तुलना में छोटे थे।

वहीं दूसरी बार गर्भवती होने के बाद इन महिलाओं ने धूम्रपान छोड़ दिया। आपको बता दें कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान का संबंध जन्म के दौरान बच्चे के वजन से पहले ही सामने आ चुका है। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं द्वारा धूम्रपान के प्रभावों के अब तक सीमित प्रमाण हैं।


अध्ययन के दौरान, शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन महिलाओं ने दूसरी बार धूम्रपान नहीं किया, उनके छोटे बच्चे होने की संभावना कम थी, भले ही वे गर्भावस्था से पहले धूम्रपान करती हों। अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं प्रति दिन 10 या अधिक सिगरेट पीती हैं, चाहे वे पहली बार गर्भवती हों या दूसरी बार, उनके छोटे बच्चे होने की संभावना सबसे अधिक थी।

साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नसरीन अलवान के अनुसार, महिलाओं को गर्भावस्था से पहले धूम्रपान छोड़ने और माँ बनने के बाद धूम्रपान फिर से शुरू नहीं करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। ऐसे संसाधनों की जरूरत है, जो महिलाओं को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकें।

साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय में कार्यरत इस अध्ययन की पहली लेखिका एलिजाबेथ टेलर के अनुसार, जो महिलाएं पहली बार धूम्रपान करती हैं और दूसरी बार गर्भवती होती हैं, उन्हें आदत छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस दौरान वे मेडिकल प्रोफेशनल्स के संपर्क में रहते हैं।

शोधकर्ताओं ने 2003 से 2018 के बीच लगभग 17,000 महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें उनके पहली बार गर्भवती होने और दूसरी बार गर्भवती होने के आंकड़े थे। ये महिलाएं साउथेम्प्टन और उसके आसपास की थीं। इस अध्ययन को चिकित्सा विज्ञान अकादमी, वेलकम ट्रस्ट और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च साउथेम्प्टन बायोमेडिकल रिसर्च सेंटर से अनुसंधान अनुदान प्राप्त हुआ।